
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: रसगवां गांव स्थित डीएल पब्लिक स्कूल एक बार फिर सुर्खियों में है। बीते वर्ष 22 सितंबर 2024 को इसी स्कूल के छात्रावास में आठ वर्षीय मासूम कृतार्थ की रहस्यमय हत्या के बाद बंद किया गया स्कूल, अब दोबारा गैरकानूनी रूप से संचालित किया जा रहा था।
जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासन को हुई, नायब तहसीलदार अशोक कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी सुल्तान अहमद ने मौके पर पहुंचकर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर स्कूल को सीज कर दिया।
थाना चंदपा क्षेत्र के तुरसेन गांव निवासी कृतार्थ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया था। प्रारंभिक जांच में स्कूल के प्रधानाचार्य, प्रबंधक और तीन कर्मचारियों को जेल भेजा गया। शिक्षा विभाग ने स्कूल को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए थे।
हालांकि दिसंबर 2024 में इस केस ने नया मोड़ लिया, जब कक्षा 8 के एक छात्र ने हत्या की बात स्वीकार की। इसके बाद चार्जशीट दाखिल हुई और प्रमुख आरोपी रिहा हो गए।
लेकिन, 1 जुलाई 2025 से स्कूल प्रबंधन ने बिना अनुमति के स्कूल दोबारा खोल दिया, जिससे कृतार्थ के पिता श्रीकृष्ण ने डीएम और बीएसए से शिकायत की।

खंड शिक्षा अधिकारी सुल्तान अहमद के अनुसार –
22 सितंबर 2024 को कृतार्थ की हत्या के बाद स्कूल को बंद करने का आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए स्कूल का संचालन शुरू किया, जिसे अब सख्ती से सीज किया गया है।
फिलहाल स्कूल में ताले डाल दिए गए हैं और मामले की गहन जांच चल रही है।
कानून से खिलवाड़ करने वालों पर अब शिकंजा कसता नजर आ रहा है। प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल न्याय की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि शिक्षा के मंदिर में लापरवाही और अपराध की कोई जगह नहीं।





