
- रिपोर्ट: आलम अंसारी
उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बनते जा रहे हैं। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश और बिजनौर बैराज से 1.34 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के चलते गंगा अब रौद्र रूप में नजर आ रही है।
सोमवार देर रात गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा और अब वह खतरे के निशान से सिर्फ 46 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। गंगा किनारे बने अस्थाई घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे घाटों पर पूजा-पाठ और स्नान करने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, गंगा में आए तेज उफान के कारण दो नाव डूब गईं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जैटी बेरिकेडिंग से बंधी नावों को रातभर की लहरों ने अपने साथ बहा लिया। सुबह जब नाविक झुलमी केवट घाट पर पहुंचे, तो दोनों नावें गायब मिलीं। तलाश के दौरान एक नाव गंगा में डूबी हुई पाई गई, जबकि दूसरी नाव तेज बहाव के साथ अब भी लापता है। डूबी हुई नाव को अब तक बाहर नहीं निकाला जा सका है।

स्थानीय ग्रामीणों और नाविकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने से दहशत का माहौल है। लोग अपने परिवार और सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हुए हैं।
प्रशासन से ग्रामीणों की अपील है कि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जाएं, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।





