
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
कबीरनगर: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक चौंकाने वाला मोड़ उस समय देखने को मिला जब समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को उनके जन्मदिन की पूर्व संध्या पर “सनातन धर्म समर्थक” का प्रमाणपत्र मिला। यह प्रमाणपत्र उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दिया।
बृजभूषण शरण सिंह ने संत कबीरनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव को धार्मिक व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे हनुमान जी के बड़े भक्त हैं और उन्होंने एक मंदिर का निर्माण भी करवाया है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि अखिलेश यादव श्रीकृष्ण के वंशज हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ब्राह्मण समाज के कई वर्ग सपा प्रमुख के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2026 से पहले इस तरह की राजनीतिक बयानबाज़ी राज्य की सियासत में बड़े बदलाव की ओर संकेत कर रही है।
कार्यक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे चर्चाओं का दौर और तेज़ हो गया है।
क्या यह बयान एक रणनीतिक बदलाव की शुरुआत है या केवल व्यक्तिगत संबंधों की अभिव्यक्ति? आने वाले समय में इसका असर देखने को मिलेगा।





