
- रिपोर्ट:अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां किन्नर से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस हिरासत में वीवीआईपी सुविधाएं दी जा रही हैं। मामला हजरतगंज कोतवाली का है, जहां आरोपी को नियमों के खिलाफ हवालात में पंखा मुहैया कराया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पैसे और रसूख वाला है, जिसकी वजह से हजरतगंज पुलिस ने उसे आम आरोपियों से बिल्कुल अलग待遇 देना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि जहां धारा 151 जैसे मामूली आरोप में बंद लोगों को हाथ का पंखा तक नसीब नहीं होता, वहीं इस गंभीर अपराध के आरोपी को खास सुविधा दी जा रही है।
इस तरह का पक्षपातपूर्ण रवैया पुलिस की कार्यशैली और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सवाल उठते हैं:
- क्या न्याय का मापदंड अब पैसे और रसूख से तय होगा?
- पुलिस विभाग ऐसे मामलों में आम और खास के बीच फर्क क्यों करता है?
- क्या आरोपी को वीवीआईपी सुविधा देना कानून और विभागीय नियमों का उल्लंघन नहीं है?
अब देखना यह होगा कि इस मामले में पुलिस विभाग कोई कार्रवाई करता है या नहीं, और क्या आरोपी को मिलने वाली विशेष सुविधा पर रोक लगाई जाएगी।





