
यूक्रेन और रूस के बीच तीन साल से जारी युद्ध में रूस को एक अहम बढ़त मिली है। रूसी सेना ने पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण गांवों – शेवचेंको और नोवोसेरहिइवका पर कब्जा कर लिया है। ये गांव यूक्रेन के महत्वपूर्ण लिथियम भंडार के बेहद करीब स्थित हैं, जिसे लेकर रूस और यूक्रेन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा लंबे समय से जारी है।
रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा
रूसी रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार, 26 जून को यह दावा किया कि उनकी सेना ने डोनेट्स्क में स्थित इन दोनों गांवों पर नियंत्रण पा लिया है। हालांकि यूक्रेन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और न ही किसी स्वतंत्र मीडिया स्रोत या अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने रूस के इस दावे की पुष्टि की है।
क्यों है यह कब्जा रणनीतिक रूप से अहम?
शेवचेंको और उसके आसपास के इलाके को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है क्योंकि 1982 में सोवियत भूवैज्ञानिकों ने यहां लिथियम का बड़ा भंडार खोजा था, जो लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। लिथियम का इस्तेमाल मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरियों और अत्याधुनिक तकनीकों में होता है, जिससे इसकी वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है।
रूस के लिए आर्थिक और सामरिक जीत
डोनेट्स्क में रूस द्वारा नियुक्त गवर्नर इगोर क्लिमाकोवस्की ने TASS को बताया कि यूक्रेन ने इस क्षेत्र को बचाने के लिए कड़ा प्रतिरोध किया क्योंकि यह लिथियम भंडार उसकी अर्थव्यवस्था और तकनीकी भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। अगर रूस इस क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण पाने में सफल रहता है तो यह उसकी लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को भी सहारा देने में मददगार हो सकता है।
पृष्ठभूमि में क्रीमिया और डोनेट्स्क जैसे क्षेत्र
गौरतलब है कि डोनेट्स्क उन चार प्रमुख यूक्रेनी क्षेत्रों में शामिल है जिन पर रूस अपना दावा करता है, अन्य में क्रीमिया भी शामिल है जिसे रूस ने 2014 में कब्जे में ले लिया था।
यह कब्जा रूस के लिए सिर्फ सैन्य जीत नहीं, बल्कि आर्थिक और भू-रणनीतिक दृष्टि से भी एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।





