
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: लखनऊ मुख्यालय के अंतर्गत 19 उत्तर प्रदेश गर्ल्स बटालियन एनसीसी द्वारा संचालित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहीं बालिका कैडेट्स को सैन्य अनुशासन, नेतृत्व कौशल, सामाजिक दायित्व और व्यक्तित्व विकास की समग्र शिक्षा दी जा रही है। यह 10 दिवसीय शिविर 2 एमटी बटालियन एएमसी वर सेंटर एंड कॉलेज में चल रहा है, जिसका नेतृत्व कैंप कमांडेंट कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक कर रहे हैं।
सैन्य प्रशिक्षण में प्रैक्टिकल और थ्योरी का समावेश
आज दिनांक 04 अगस्त 2025 को बटालियन के सैन्य स्टाफ द्वारा कैडेट्स को स्थलों के संकेत, एंबुश (घात), पैट्रोलिंग जैसी सैन्य रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। छात्राओं ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण सत्र में भाग लिया।
नेतृत्व विकास पर ऐतिहासिक प्रेरणा
नेतृत्व विकास सत्र में महानायकों महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके साहसिक कार्यों की चर्चा की गई। इन ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेकर कैडेट्स में नेतृत्व क्षमता और आत्मबल का विकास किया गया।
व्यक्तित्व विकास एवं प्रेरणा सत्र
सत्र में सम्मान संहिता, प्रेरणा और आत्मसंयम पर चर्चा करते हुए बताया गया कि एक सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण इन मूल्यों के समावेश से ही संभव है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध कराया गया।
कैरियर काउंसलिंग एवं विशेष व्याख्यान
कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक ने सशस्त्र सेनाओं में कमीशंड ऑफिसर बनने के मार्गदर्शन हेतु कैडेट्स को उपयोगी मंत्र दिए। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच, लक्ष्य निर्धारण और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत श्री पंकज शर्मा (रोड सेफ्टी मैनेजर) को शिविर में आमंत्रित किया गया। उन्होंने सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों और वाहन संचालन में सतर्कता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।
प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुति
कैडेट्स का मनोबल बढ़ाने के लिए फायरिंग प्रतियोगिता एवं समूह नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों और कॉलेजों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस शिविर की खास बात यह रही कि समाचार टुडे के वरिष्ठ पत्रकार अनुराग सिंह बिष्ट की सुपुत्री अक्षिता ने भी इस शिविर में भाग लेकर प्रेरणादायक उपस्थिति दर्ज कराई।
एनसीसी के इस शिविर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि देश की बेटियाँ यदि अनुशासन, प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन पाएँ तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं।





