
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
लखनऊ विश्वविद्यालय के 13 छात्रों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतने ही मूल्य के दो जमानतदार प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। यह आदेश एक वर्ष तक कानून-व्यवस्था बनाए रखने की शर्त पर जारी किया गया है। मामला विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऐतिहासिक लाल बारादरी में कथित अनधिकृत धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों ने लाल बारादरी के मुख्य द्वार बंद होने के कारण इमारत के बाहर नमाज अदा की थी। हसनगंज पुलिस स्टेशन की चालान रिपोर्ट के आधार पर जारी आदेश में कहा गया है कि इस घटना से परिसर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई और भविष्य में शांति भंग होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर मजिस्ट्रेट ने सभी 13 छात्रों को एक वर्ष तक शांति बनाए रखने की गारंटी देने का निर्देश दिया।
छात्र शुभम खरवार ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि कुछ मुस्लिम छात्रों ने लाल बारादरी के बाहर नमाज अदा की क्योंकि उन्हें अंदर अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने गेट बंद किए जाने के विरोध में प्रदर्शन की बात कही।
वहीं छात्र अहमद रजा ने कहा कि जारी नोटिस में नमाज और इफ्तार आयोजन को शांति भंग का कारण बताया गया है। उन्होंने दावा किया कि किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक नारे नहीं लगाए गए। उनके अनुसार, हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के छात्रों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि वास्तविक स्थिति अलग थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्वों द्वारा नारेबाजी की गई, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
दूसरी ओर, परिसर में नमाज अदा किए जाने के विरोध में बजरंग दल के सदस्यों ने प्रदर्शन किया और धार्मिक नारे लगाए। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, प्रशासन ने मामले को कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय बताते हुए एहतियाती कदम उठाए हैं। पूरे घटनाक्रम को लेकर परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई है।




